योगी सरकार को एक और बड़ा झटका, मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद 3 और बीजेपी विधायकों ने बीजेपी को कहा अलविदा

उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद भाजपा के तीन विधायकों ने पार्टी को अलविदा कह दिया। बांदा के तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बृजेश कुमार प्रजापति, शाहजहांपुर के तिलहर से विधायक रोशन लाल वर्मा के साथ कानपुर देहात से विधायक भगवती सागर ने भी बीजेपी की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया।

माना जा रहा है कि ये तीनों मौर्य के खेमे के बताए जा रहे हैं। बृजेश कुमार प्रजापति, रोशन लाल वर्मा के साथ भगवती सागर ने भी पार्टी नेतृत्व पर तीखे वार किए। तीनों ने नेतृत्व की तरफ से उनको नजरंदाज करने का आरोप लगाया।

बृजेश कुमार प्रजापति ने 2012 का चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ा था, लेकिन हार गए थे। वह 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले मौर्य के साथ ही बसपा से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे।

प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को भेजे त्यागपत्र में बृजेश ने भी लगभग वही भाषा का इस्तेमाल किया है जो स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने इस्तीफे में लिखी है। बृजेश मौर्य ग्रुप के समर्थक माने जाते रहे हैं। उनके कोटे से उन्हें तिंदवारी से भाजपा ने टिकट दिया था। उन्होंने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस सरकार में भ्रष्ट अफसर और सिंडीकेट हावी है।

उधऱ, PTI के मुताबिक रोशन वर्मा ने इस्तीफे के बाद कहा- मैंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। मैं स्‍वामी प्रसाद मौर्य के साथ रहूंगा। उन्होंने कहा कि हम लोगों की शिकायतें उठाते थे तो उन्हें नहीं सुना जाता था। हमने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि वो सपा में शामिल हो रहा हूं। वर्मा ने कहा कि भाजपा नीत सरकार में दलित व पिछड़े अल्पसंख्यक कमजोर लोगों की लगातार उपेक्षा हो रही थी। बेरोजगारी बढ़ी है। वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार दिखा रही है कि रोजगार दिए गए हैं जबकि यह सब फर्जी है। इसी से क्षुब्ध होकर उन्होंने सपा ज्वाइन की है।

कानपुर देहात से विधायक भगवती प्रसाद सागर ने 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर बसपा के कमलेश दिवाकर को हराया था। उनका पैतृक आवास कानपुर देहात में है। हालांकि 2007 में उन्होंने बसपा के टिकट पर झांसी की मऊरानीपुर सीट से चुनाव लड़ा था। चुनाव जीत कर वह बसपा सरकार में राज्यमंत्री भी बने थे। हालांकि अभी ये बात स्पष्ट नहीं हो सकी है कि वो मौर्य के साथ सपा ज्वाइन कर रहे हैं या नहीं?