बीजेपी के अंदर उठ रही मांग, ‘यूपी चुनाव में कम से कम इतने मुस्लिम नेताओं को मिले टिकट’

यूपी में चुनावी तारीखों के ऐलान के बाद सियासी सर’ग’र्मियां तेज हो गई हैं और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों की धड़क’नें भी बढ़ने लगी हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में ही भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस सहित सभी दल यूपी में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर देंगे।

इस बीच भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने शीर्ष नेतृत्व से मांग की है कि यूपी विधानसभा चुनाव में कम से कम 20 टिकट मुस्लिम उम्मीदवारों को दिए जाएं। गौरतलब है कि 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा था।

‘यूपी चुनाव के लिए हम कुछ नाम भेज रहे हैं’

‘द प्रिंट’ की खबर के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के

अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने मुस्लिम नेताओं के लिए टिकट की मांग करते हुए कहा, ‘यूपी में ऐसी बहुत सी सीटें हैं, जहां बड़ी तादाद में मुस्लिम आबादी है और इनमें से कई सीटों पर हम 2017 के विधानसभा चुनाव में बेहद कम वोटों के अंतर से हारे थे।

उदाहरण के तौर पर सम्भल, मुरादाबाद और मेरठ जिलों को देखिए, जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। पश्चिम बंगाल में भी हमारी पार्टी ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे और हम इस बार यूपी चुनाव के लिए भी कुछ नाम भेज रहे हैं। हम चाहते हैं कि मुस्लिम समाज को भी सरकार में प्रतिनिधित्व मिले, ताकि वो आगे बढ़ सकें।’

‘यूपी में 40 सीटों पर अल्पसंख्यक आबादी 60-70 फीसदी’

जमाल सिद्दीकी ने आगे कहा, ‘हमने उत्तर प्रदेश के अंदर ऐसी करीब 100 सीटों की पहचान की है, जहां अल्पसंख्यक आबादी 30 फीसदी है। इसके अलावा 140 सीटें ऐसी हैं, जहां ये आबादी 20 फीसदी और 40 सीट ऐसी हैं, जहां अल्पसंख्यक आबादी 60 से 70 फीसदी है।

इनमें से ज्यादातर सीटें पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध और बृज क्षेत्र में हैं। 2017 के यूपी चुनाव के आंकड़ों को अगर देखें तो सहारनपुर नगर सीट पर हम समाजवादी पार्टी से केवल 4000 वोटों के अंतर से हारे। इसी तरह गाजियाबाद की धौलाना सीट पर भी हमारी हार का अंतर काफी कम था। यूपी में कई सीटों पर ऐसा ही समीकरण रहा।’

उत्तर प्रदेश में कुल 19 फीसदी है मुस्लिम आबादी

जमाल सिद्दीकी ने कहा, ‘हालांकि पश्चिम बंगाल में जिन सीटों पर हमने मुस्लिम प्रत्याशी उतारे, उनमें से एक भी नहीं जीत पाए, लेकिन दो सीटों पर हमारी पार्टी ने कड़ी टक्कर दी। असम में भी हमारी पार्टी ने मुस्लिम समाज के उम्मीदवारों को टिकट दिए।’

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की कुल आबादी में मुस्लिम करीब 19 फीसदी हैं। चुनाव आयोग ने यूपी चुनाव के लिए जो कार्यक्रम घोषित किया है, उसके तहत प्रदेश में सात चरणों में चुनाव होंगे और पहले चरण के अंतर्गत 10 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। चुनाव नतीजों का ऐलान 11 मार्च को किया जाएगा।’