मध्य प्रदेश उपचुनाव: 67 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द, जाने कैसा होगा मुकाबला

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले विधानसभा (Assembly) के उपचुनाव (Byelection) के लिए स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी हो गई है. राज्य के 28 विधानसभा क्षेत्रों से 67 उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त किए गए हैं. नाम वापसी 19 अक्टूबर तक होगी, उसके बाद ही चुनाव के वास्तविक उम्मीदवारों के चेहरे सामने आएंगे.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में तीन नबंवर को मतदान होने वाला है. प्रदेश के 19 जिलों के 28 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 456 अभ्यर्थियों के 604 ने नामांकन जमा किए थे, जिसमें से संवीक्षा (स्कू्रटनी) के दौरान 67 अभ्यर्थियों के नाम निर्देशन-पत्र निरस्त किए गए.

बताया गया है कि नाम वापसी की प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक होगी, उसके बाद ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी. मतदान 3 नवंबर और मतगणना 10 नवंबर को होगी.

राज्य के कई हिस्सों में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार है, क्योंकि भाजपा, कांग्रेस के अलावा बसपा ने भी सभी 28 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हो रहे विधानसभा के उपचुनाव का प्रचार जोर पकड़ रहा है, तमाम नेताओं की रैली और जनसभाएं हो रही हैं, वहीं भाजपा की स्टार प्रचारक उमा भारती की प्रचार अभियान से दूरी चर्चा का विषय बनी हुई है.

राज्य में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं और यहां 3 नवंबर को मतदान होगा. भाजपा चुनाव प्रचार की कमान पूरी तरह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथों में है. इन नेताओं की लगातार सभाएं हो रही हैं और वे कार्यकतार्ओं व मतदाताओं से सीधे संवाद भी कर रहे हैं.

भाजपा ने स्टार प्रचारकों की सूची में जिन नेताओं का नाम शामिल किया है, उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का नाम प्रमुख है. उमा भारती पिछले दिनों उत्तराखंड की यात्रा पर गई थी और उसके बाद वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई और उनका वहीं इलाज चला. इन दिनों वे उत्तरखंड में ही गंगा नदी के किनारे स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं. चुनाव प्रचार में पार्टी और उम्मीदवार उमा भारती की जरुरत महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उनकी कई वर्गों में खास पकड़ है.