गुजरात एटीएस ने धर दबोचे दो आतंकी, फिर हुआ ऐसा सनसनीखेज खुलासा, खुफिया एजेंसियों समेत मोदी भी रह गए दंग

अहमदाबाद : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ना केवल देश में जबरदस्त विकास कार्यों की झड़ी लगाई हुई है, बल्कि देश से कालाधन, भ्रष्टाचारियों और आतंकवाद को भी उखाड़ फेकने के लिए जांच एजेंसियों व् सेना को लगाया हुआ है. ऐसे में पीएम मोदी आतंकियों के निशाने पर आ गए हैं और पीएम मोदी को जान से मारने की एक बेहद खौफनाक साजिश का पर्दाफ़ाश हुआ है.

पीएम मोदी को स्नाइपर राइफल से मारने की साजिश का भंडाफोड़
खबर है कि इंडियन मुजाहिद्दीन नाम के आतंकी संगठन के दो आतंकी पीएम मोदी की जान लेने की साजिश में लगे हुए थे. पीएम मोदी को स्नाइपर राइफल का इस्तमाल करके मारने का प्लान बनाया गया था, मगर इससे पहले कि वो अपने नापाक मंसूबे में कामयाब होते, गुजरात एटीएस ने इन आतंकियों को धर दबोचा.

गुजरात एटीएस ने अंकलेश्‍वर की एक अदालत में संदिग्ध आतंकी उबैद मिर्जा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करते हुए दावा किया है कि आतंकी उबैद मिर्जा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कत्ल करना चाहता था. एटीएस ने बताया कि एक मैसेंजर एप में मिले संदेश से इस साजिश का पर्दाफ़ाश हुआ.

आईएसआईएस से भी जुड़े तार
टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक गुजरात एटीएस ने हाल ही में इस मामले में अंकलेश्‍वर कोर्ट में चार्जशीट फाइल की है. जिसमें संदिग्ध आतंकी उबैद मिर्जा के खिलाफ ये संगीन आरोप लगाया गया है. एटीएस के मुताबिक उबैद आतंकी संगठन आईएसआईएस से भी जुड़ा हुआ था और वह पीएम नरेंद्र मोदी की हत्‍या करना चाहता था.

एटीएस ने उबैद मिर्जा को बीते साल अक्टूबर में अंकलेश्‍वर से गिरफ्तार किया था. उसके साथ एक लैब टेक्निशियन कासिम भी पकड़ा गया था. ये दोनों ही सूरत के रहने वाले हैं. कासिम जेहादी मिशन में शामिल हो गया था. पीएम मोदी की ह्त्या करने के बाद वह जमैका भागना चाहता था. उसने वहां नौकरी के लिए आवेदन भी किया था.

कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट के मुताबिक 10 सितंबर 2016 को उबैद ने किसी को एक मैसेज भेजा था. जिसमें उसने लिखा था कि वह पिस्‍तौल खरीदना चाहता है और उसके बाद वह उनसे संपर्क करने की कोशिश करेगा.

चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि उबैद को रात के 11 बजकर 28 मिनट पर फेरारी नामक एक शख्स ने मैसेज किया था. जिसमें लिखा था कि ठीक, मोदी को स्नाइपर राइफल से मारते हैं. इस मामले में एटीएस ने कई संदिग्‍धों को गवाह बनाया था, उसी की वजह से ये दोनों पकड़ में आए थे.

पीएम मोदी की जान के दुश्मन कोंग्रेसी नेता
आपको बता दें कि पीएम मोदी के दुश्मन केवल ये आतंकी नहीं हैं, बल्कि विपक्ष के वो नेता भी हैं, जो पीएम मोदी को लेकर भ्रामक प्रचार करते हैं और उनके खिलाफ आतंकियों व् जिहादी तत्वों को भड़काने वाले बयान देते हैं. 2014 चुनाव से पहले सोनिया गाँधी ने पीएम मोदी को “मौत का सौदागर” कहते हुए मुस्लिमों को उनके खिलाफ भड़काने की कोशिश की थी.

इसी तरह मार्च, 2014 में कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने तो खुलेआम मुसलमानों के बीच पीएम मोदी की “बोटी-बोटी काट” देने की धमकी तक दी थी. इस प्रकार की बयानबाजी करके कांग्रेस पिछले काफी वक़्त से जिहादियों को भड़काती आयी है. मुस्लिम वोटों के लिए पीएम मोदी की मुस्लिमों विरोधी छवि बनायी जाती है. यही कारण है कि आज जिहादी, पीएम मोदी की जान के पीछे पड़े हुए हैं.