पंजाब: सिद्धू ने फिर दिखाए कड़े तेवर, सीएम चन्नी और हाईकमान पर साधा निशाना…

6 फ़रवरी को लुधियाना में होने वाली कांग्रेस की रैली में पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए सीएम उम्मीदवार के नाम का ऐलान हो सकता है। इससे पहले रेत खनन मामले में सीएम चन्नी के भतीजे को गिरफ्तार किए जाने के बाद पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने चन्नी पर सीधा हमला बोला है।

वहीं पंजाब चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट से बाहर किए जाने के बाद सांसद मनीष तिवारी ने कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसा है।

समाचार चैनल एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में नवजोत सिंह सिद्धू ने सीएम पद को लेकर कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री उम्मीदवार को कम से कम 60 विधायकों का समर्थन होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें एक ईमानदार उम्मीदवार की जरूरत है। आपका भाग्य इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या चुनते हैं।

एक माफिया व्यक्ति आपके कार्यक्रमों को लागू नहीं कर सकता है। जो व्यक्ति स्वयं माफिया को बचाता हो, वह माफिया पर कैसे शिकंजा कस सकता है?

इसके अलावा उन्होंने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री की पसंद के लिए नैतिक अधिकार और 17 साल का ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं खुद को सीएम उम्मीदवार नहीं कह सकता। लेकिन आप कितने लोगों को देखते हैं जो सेलिब्रिटी हैं और छह चुनाव जीते हैं।

केवल लोग ही मुख्यमंत्री को चुन सकते हैं। लोगों की आवाज भगवान की आवाज है। मैं यह कह सकता हूं कि मैंने दुनिया का ठेका नहीं लिया लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू चवन्नी रवादार नहीं है।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने पंजाब के लिए 30 स्टार प्रचारकों की एक सूची जारी की। इसमें सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और राहुल गांधी समेत कई नेताओं का नाम शामिल है लेकिन पंजाब से सांसद मनीष तिवारी और दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद का नाम शामिल नहीं किया गया है। बता दें कि मनीष तिवारी पंजाब से अकेले हिंदू सांसद हैं।

मनीष तिवारी को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल नहीं किए जाने के बाद पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे और पूर्व सांसद अभिजीत मुखर्जी कांग्रेस पर भड़क उठे। जिसके बाद मनीष तिवारी ने उनके ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसा।

अभिजित मुख़र्जी ने लिखा कि पंजाब के मामलों में स्थिति दुखद है क्योंकि उन लोगों ने पंजाब के सांसद और पूर्व मंत्री मनीष तिवारी को पंजाब चुनाव में प्रचार करने के लिए बनी स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर कर दिया। इस तरह के संकीर्ण सोच वाले कदम कांग्रेस को चुनाव जीतने में कभी मदद नहीं करेंगे।