बाहर से दिख रही थी बिलकुल मामूली झोंपड़ी, अन्दर जाकर देखा तो देख उड़ गये सबके होश

एक बात तो आपने सुनी ही होगी कि किसी के भी बाहरी स्वरूप पर नही जाना चाहिए चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन फिर भी लोग उससे ही मोहित होते है और कई बार हम बाहर कुछ और नजारा देखते है और अन्दर कुछ और ही हो रहा है होता है। अभी हाल ही में भी ऐसा ही कुछ देखने में आया है जिस झोंपड़ी को मामूली झौंपडी कहा जाता रहा वो अलग ही अंदाज में अन्दर से थी। ये मामला झारखंड के बेरियाचक गाँव का है जहाँ पुलिस को एक झोंपड़ी के अन्दर कुछ संवेदनशील होने का शक था।

आस पास के खबरियो की रिपोर्ट और पुख्ता माइंडसेट के साथ में सीआरपीएफ के जवानो ने अचानक से उस झोंपड़ी पर धावा बोल दिया और फिर वहाँ पर जो मिला उसे देखने के बाद तो उन सबके ही कान खड़े हो गये। यहाँ तो आतंक का पूरा गैंग बस रखा था।

पुलिस जब अन्दर गयी तो अन्दर हथियारों का पूरा जखीरा पड़ा हुआ था जिनमे 5.56 एम एम के चार राइफल भी मौजूद दिखे और इसके अलावा छोटे मोटे हथियार होने का भी दावा है लेकिन सवाल ये उठता है कि ऐसे आधुनिक हथियार जिनका इस्तेमाल खुद अमेरिका की सेना करती है वो इन गाँव के लोगो के पास इन मामूली नक्सलियों के पास कहाँ से आये?

अगर इनकी कीमत लगाई जाए तो लाख रूपये में आती है और खुद इंडियन आर्मी के पास भी आम तौर पर ये हथियार न या फिर कम ही देखने को मिलते है।

इससे कम से कम एक बात तो साफ़ है कि इनकी फंडिंग जो भी कर रहा है या फिर जहाँ से भी हो रही है वो आर्थिक रूप से बहुत ही ज्यादा मजबूत है और जब तक उन लोगो को नही उखाड़ा जाएगा तब तक इस तरह की घटनाएं होती रहेगी और नुकसान उन भटके हुए लोगो का ही होगा।