अनिल अंबानी को फिर से बड़ा झटका, रिलायंस कैपिटल को दिवालिया घोषित करने की कार्यवाही शुरू

इन दिनों कारोबार में अनिल अंबानी के दिन ठीक नहीं चल रहे हैं। उनकी अगुवाई वाले रिलायंस समूह की कर्ज में डूबी कंपनी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड को दीवालिया घोषित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए आरबीआई ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण एनसीएलटी से इजाजत मांगी है।

गुरुवार को आरबीआई ने कहा कि उसने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड को दिवालिया घोषित करने के लिए एनसीएलटी की मुंबई पीठ के सामने दिवाला और दिवालियापन संहिता आईबीसी की कई अलग-अलग धाराओं में सीआईआरपी शुरू करने के लिए एक आवेदन दायर किया है।

गौरतलब है कि एनसीएलटी के पास दायर किये गए आरबीआई के आवेदन के बाद से रिलायंस कैपिटल पर अंतरिम रोक लग जाएगी। इसमें कर्जदार कंपनी अपनी किसी भी परिसंपत्ति का स्थानांतरण या बिक्री नहीं कर पाएगी।

कंपनी पर कर्ज: रिलायंस कैपिटल ने पिछले साल सितंबर में सालाना आम बैठक में शेयरधारकों को बताया था कि कंपनी के ऊपर एकीकृत रूप से 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। जानकारी के मुताबिक कंपनी को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1,156 करोड़ रुपये का एकीकृत नुकसान हुआ। वहीं उसकी आय 6,001 करोड़ रुपये रही थी।

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2020-21 में कंपनी को 9,287 करोड़ रुपये का नुकसान और कुल आय 19,308 करोड़ रुपये रही थी।

कंपनी पर आरोप:

गौरतलब है कि 29 नवंबर को रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को आरबीआई ने भंग कर दिया था। इसके बाद अपनी तरफ से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पूर्व कार्यकारी निदेशक नागेश्वर राव को इसका प्रशासक नियुक्त किया था।

इसके अगले ही दिन एक तीन सदस्यीय पैनल भी गठन किया गया जो प्रशासक की मदद करेगा। बता दें कि अनिल अंबानी की अगुआई वाली आरसीएल पर कर्ज भुगतान में चूक के साथ-साथ कंपनी चलाने से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं।

बता दें कि इससे पहले, रिजर्व बैंक ने श्रेई ग्रुप की एनबीएफसी तथा दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) के खिलाफ इसी प्रकार की कार्यवाही शुरू की थी।

डीएचएफएल के खिलाफ कार्यवाही पूरी हो चुकी है जबकि श्रेई का मामला अभी लंबित है। बता दें कि 1986 में अस्तित्व में आई रिलायंस कैपिटल का कंट्रोल अनिल अंबानी के पास पारिवारिक बंटवारे में 2005 में आया था।